रियासत में महिलाएं सुरक्षित नहीं रह गईं। दुष्कर्म से लेकर शारीरिक उत्पीड़न के मामलों पर अंकुश नहीं लग रहा। पिछले तीन महीनों पर ही यदि नजर डाली जाए तो दो दर्जन से अधिक दुष्कर्म के मामले रियासत में दर्ज हो चुके हैं।
पिछले एक हफ्ते के भीतर आरएस पुरा में ही दो दुष्कर्म के मामले दर्ज हो चुके हैं। सौतेले पिता से लेकर सैन्य कर्मी, शिक्षक, डाक्टर और ससुर तक दुष्कर्म के आरोपी हैं। राज्य में प्रतिदिन एक महिला दुष्कर्म की शिकार हो रही है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में 331 मामले दुष्कर्म के दर्ज किए गए। 3321 मामले महिला उत्पीड़न के दर्ज हुए। इसमें 1421 शारीरिक छेड़छाड़ के हैं। इस साल जुलाई, अगस्त तथा सितंबर में अभी तक दो दर्जन से अधिक दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं।
इनमें गांधी नगर में सौतले पिता ने बेटी, आरएस पुरा में महिला के साथ गैंगरेप। नवाबाद में होटल कर्मी द्वारा दुष्कर्म करने, गरोटा में दो भाइयों द्वारा दुष्कर्म करने, माहौर में अध्यापक और गरोटा में ससुर पर दुष्कर्म के मामले सामने आए।
पिछले साल दर्ज हुए 331 मामलों में 204 मामले 18 से 30 साल की युवतियों को शिकार बनाने पर दर्ज हुए। इन मामलों में 307 ऐसे लोग थे, जिन्हें पीड़िता जानती थीं। इनमें 61 पड़ोसी, 21 रिश्तेदार, छह करीबी पारिवारिक सदस्य शामिल थे।
इसके अलावा महिलाओं पर अन्य अत्याचार के 3321 मामले दर्ज हुए। इसमें 20 दुष्कर्म के प्रयास, 813 अपहरण और दहेज के शामिल हैं। इन घटनाओं ने पांच की जान तक ले ली।