भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज (सीबीआई मामले) कनीज फातिमा ने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे रेलवे के सीनियर कैशियर को चार साल की सजा सुनाने के अलावा 14 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। डिप्टी फाइनेंसियल एडवाइजर/चीफ एकाउंट अफसर (कंस्ट्रक्शन) नार्दन रेलवे जम्मू के कार्यालय में तैनात तत्कालीन सीनियर कैशियर विभीषण भगत के खिलाफ दो मामलों में क्रमश: पांच लाख और दो लाख रुपये गबन करने के आरोप हैं।
सीबीआई केस के अनुसार विभीषण ने 1997 से 1999 तक आपराधिक षड्यंत्र के तहत चालान की कापियों में हेराफेरी कर 5.90 लाख और दो लाख रुपये की हेराफेरी की। सीबीआई ने इस संबंध में आरपीसी की धारा 409, 467, 468, 477-ए के अलावा जेएंडके पीसी एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने चालान अदालत में पेश किया।
सीबीआई के सीनियर पीपी एसके भट और आरोपी के वकील केके शर्मा की दलीलें सुनने के बाद जज कनीज फातिमा ने आरोपी को दोषी मानते हुए पाया कि आरोपी की उम्र 61 साल हो चुकी है। उसका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है। 11 साल की लंबे ट्रायल और आरोपी की उम्र को ध्यान में रखते हुए दोनों मामलों में चार-चार साल की सजा सुनाती है।
साथ ही दोनों मामलों में क्रमश: 10 लाख और चार लाख रुपये जुर्माना भी लगाती है। अदालत ने कहा कि जुर्माने की राशि 15 दिनों के अंदर जमा करवानी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है तो आरोपी की संपत्ति कुर्क कर उसमें से राशि वसूली जाए। साथ ही आरोपी को सजा काटने के लिए जिला जेल भेज दिया जाए।