एक ओर ट्रैफिक पुलिस यातायात नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने में लगी है, वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों का आरोप है कि एंट्री के नाम पर उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। बठिंडी मोड़ पर सुबह करीब साढ़े दस बजे एंट्री देने से इनकार करने पर ट्रैफिक पुलिस ने एक कैंटर चालक की बुरी तरह से पिटाई कर दी। उसे इतनी बुरी तरह से पीटा गया कि कपड़े तक फाड़ दिए और उसे अधमरा करके छोड़ दिया।
पिटाई के बाद कैंटर चालक महानपुर, बसोहली निवासी विजय कुमार (30) को उलटियां आने लगीं। घटना बठिंडी मोड़ पर हुई। विजय ने अपने मित्र पवन शर्मा को बुलाकर मदद मांगी तो उसने पहले उसका सरवाल में मेडिकल करवाया, वहां से उसे जीएमसी की इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया।
विजय के मुताबिक उसके पास गाड़ी के सारे दस्तावेज हैं लाइसेंस भी है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने लाइसेंस छीन लिया और गाड़ी भी सीज कर दी। विजय और पवन शर्मा ने बताया कि हरियाणा से कैंटर में माल लेकर जम्मू पहुंचा था। माल बठिंडी में उतारने के बाद नरवाल जा रहा था कि बठिंडी मोड़ पर उसे ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया और पांच सौ रुपये एंट्री मांगी।
चालक विजय ने कहा कि हर बार वह सौ रुपये देता है, वह सौ रुपये ही देगा, लेकिन ट्रैफिक पुलिस कर्मी नहीं माने और उसे ट्रक से नीचे उतार लिया। इसी बात पर बहस हो गई। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने उसे लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया। इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसे उलटियां आने लगीं।
विजय के दोस्त ने बताया कि उसे फोन पर जब जानकारी मिली तो वह वहां पहुंचा और तभी उसे सरवाल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां से उसे जीएमसी रेफर कर दिया गया है। बठिंडी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मारपीट और पैसे मांगने के आरोप बेबुनियाद: एसएसपी ट्रैफिक
एसएसपी ट्रैफिक मोहन लाल ने चालक विजय कुमार द्वारा ट्रैफिक पुलिस कर्मियों पर लगाए आरोपों को बेबुनियाद ठहराया है। उनका कहना है कि विजय ने रेड लाइट जंप की थी, गाड़ी के दस्तावेज भी नहीं हैं। पैसे मांगने और मारपीट के आरोप झूठे हैं।