बहुचर्चित जगटी विस्थापित हत्याकांड के दो आरोपियों सुमित सिंह और गौरव प्रताप सिंह की जमानत अर्जी प्रिंसिपल सेशन जज (जम्मू) आरएस जैन ने खारिज कर दी।
पुलिस के अनुसार चार अगस्त, 2013 को शिकायतकर्ता अंकुश तलाशई ने नगरोटा पुलिस को लिखित शिकायत में बताया था कि घटना के दिन सुबह सात बजे वह अपने पिता तेज नाथ तलाशी और चाचा प्यारे लाल तलाशी के साथ शाम को सैर करता हुआ जगटी फ्लाई ओवर की ओर जा रहा था।
इसी दौरान एक वाहन सवार चार लोगों ने उन्हें रोका। इनमें से तीन सुमित सिंह, नरेश कुमार शर्मा और गौरव प्रताप को वह पहचानता है, जबकि एक अन्य व्यक्ति उसकी पहचान का नहीं था। आरोपियों ने हमला कर उसके पिता तेज नाथ को घायल कर दिया जिनका बाद में निधन हो गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप गंभीर और समाज विरोधी हैं। याचिकाकर्ता को जमानत देने का कोई आधार भी पेश नहीं किया गया। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की जाती है।