कश्मीर में बीते तीन सप्ताह में औसतन हर दूसरे दिन महिला उत्पीड़न का एक केस दर्ज हुआ है। राज्य महिला आयोग की ओर से तैयार रिपोर्ट में यह पाया गया कि यह मामले सरकारी एवं निजी संस्थानों एवं कार्यालयों के हैं।
इसके बाद राज्य महिला आयोग ने सभी सरकारी और निजी संस्थानों एवं कार्यालयों को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
आयोग की अध्यक्ष नईमा अहमद मेहजूर ने बताया कि सरकारी और निजी कार्यालयों में काम करने वाली महिलाएं प्रताडि़त हो रही हैं। आयोग के पास दस मामले तीन हफ्तों में यौन उत्पीड़न के दर्ज हुए हैं। इसे लेकर संबंधित कार्यालयों में बात की गई और इन लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।
मेहजूर ने कहा कि पहले महिलाएं इसे लेकर डरती थीं, लेकिन अब खुल कर सामने आ रही हैं। आयोग ने सरकार से भी बात की है कि कार्यालयों में यौन उत्पीड़न को लेकर सख्ती बरती जाए, ताकि महिलाएं महफूज होकर काम कर सकें।
मौलवी पर कार्रवाई की तैयारी
आयोग के पास एक मौलवी द्वारा छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को शारीरिक तौर पर प्रताडि़त करने का मामला पहुंचा है। आयोग की अध्यक्ष का कहना है कि अभी इसकी शुरुआती जांच की जा रही है। बहुत जल्द पूरे मामले की कहानी सामने आएगी। कश्मीर संभाग में इस तरह के बढ़ते मामलों पर आयोग आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई करने के लिए विशेष कदम भी उठाएगा।