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टटीरी के खल व्यापारी से रंगदारी मांगी

Thu, 07 Jul 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अग्रवाल मंडी टटीरी
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रंगदारी के विरोध में बागपत एसपी कार्यालय पर सीओ को खरीखोटी सुनाते अग्रवाल मंडी टटीरी के व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 कसबे के खल-चूरी व्यापारी राधेश्याम अग्रवाल से नोएडा की कासना जेल में बंद सचिन नंदा के नाम से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। चिट्ठी व्यापारी के नौकर को दुकान में रखी मिली। रंगदारी नहीं देने पर उनके पौत्र को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने व्यापारियों के साथ एएसपी को जानकारी दी। अफसरों ने व्यापारी को सुरक्षा मुहैया करा दी है।
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टटीरी के मुख्य बाजार में राधेश्याम अग्रवाल की खल-चूरी की दुकान है। राधेश्याम ने बताया मंगलवार को सुबह के समय करीब सात बजे उसके नौकर मुकेश उर्फ छोटू को गल्ले के पास कागज का टुकड़ा पड़ा मिला। नौकर ने टुकड़े को उसे लाकर सौंप दिया। चिट्ठी पढ़कर उसके होश उड़ गए। इसमें सचिन नंदा के नाम से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। पूरे दिन वह घर में कैद रहे। परिजनों और रिश्तेदारों को जानकारी नहीं दी।

दहशत के चलते उन्होंने अपने परिचित व्यापारियों को बुधवार को मामले से अवगत कराया। इसके बाद व्यापारी संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी एसपी दफ्तर पर पहुंचे। उन्होंने एएसपी अजीजुल हक को रंगदारी मांगने के मामले से जानकारी दी। पुलिस को चिट्ठी भी सौंप दी।
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एएसपी ने व्यापारी को सुरक्षा का  भरोसा दिलाया, साथ ही रंगदारी मांगने वालों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद व्यापारी घर लौट गए। उधर, व्यापारी के घर और प्रतिष्ठान पर सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की।

केस के खुलासे की मांग उठाई
अग्रवाल मंडी टटीरी। व्यापार संघ अग्रवाल मंडी टटीरी के अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने एएसपी से खुलासे की मांग की। इस दौरान संघ के कोषाध्यक्ष माधोराम गर्ग, महामंत्री अंकुर शर्मा, पवन कुमार, अजय कुमार, पीयूष गुप्ता, जयपाल, अरुण मित्तल, अनिल कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजय आदि रहे।

कौन है सचिन नंदा 
सचिन पुत्र नंदा बली गांव का रहने वाला है। वह बागपत कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। मोस्ट वांटेड रह चुके राहुल खट्टा का गुरु बताया जाता है। खट्टा के साथ मिलकर रंगदारी, फिरौती के लिए अपहरण और हत्या जैसे  अपराध के मामले में फिलहाल नोएडा की कासना जेल में बंद है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रह चुका है। एक मई 2015 को सचिन नंदा नोएडा में पुलिस अभिरक्षा से भागा था, लेकिन फिर भी नोएडा पुलिस ने ही उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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अधिकारी कहिन
व्यापारी ने चिट्ठी उपलब्ध कराई है। इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। व्यापारी को सुरक्षा दी गई है।
 - पूनम, पुलिस अधीक्षक, बागपत।
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