स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट (पैसेंजर टैक्स) ओपी भगत की अदालत ने उन चार नाइजीरियाई ठगों की जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिन्होंने पहले आनलाइन एसयूवी बेची और फिर देने में आनाकानी की। आरोपी फ्रैंक, ग्रीस, इफयानी और जार्ज को गांधी नगर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है।
इनकी गिरफ्तारी नवीन आनंद की शिकायत पर हुई है, जिसमें उन्होंने कहा कि आरोपियों ने एक एसयूवी बेचने की आनलाइन पेशकश की थी, लेकिन रुपये मिलने के बाद वाहन देने में आनाकानी करने लगे।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने क्विकर डाट काम पर विदेशी लैंड रोवर एसयूवी को बेचने का विज्ञापन डाला। शर्त के अनुसार उन्होंने पांच लाख रुपये एडवांस में उनके द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में डाले।
रुपये मिलने के बाद उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। नवीन आनंद ने खुद को ठगा महसूस किया और गांधी नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
इसके बाद पुलिस ने मुंबई से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आरंभिक स्तर पर आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिससे साबित होता है कि उन्होंने अपराध किया है।
जमानत देने के मामले में कानून स्थिर नहीं है। प्रत्येक मामले में तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार जमानत प्रदान की जाती है। लेकिन इस मामले में आरोपी विदेशी हैं, इसलिए उनके देश छोड़ कर भागने की ज्यादा आशंका है।
जमानत पाने के बाद आरोपी भाग सकते हैं और सुनवाई व ट्रायल के दौरान उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना कठिन होगा। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उनकी जमानत खारिज कर दी। जेएनएफ