हत्या के मामले में ट्रायल का सामना कर रहे शौंकू राम को उधमपुर के प्रिंसिपल सेशन जज आरएस जैन ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन केस के अनुसार मजालता पुलिस को सूचना मिली कि 22 नवंबर 2010 की शाम 6:45 बजे पुरानी रंजिश में शौंकू राम ने हत्या के इरादे से जल्ला राम के ऊपर दराती से हमला कर दिया।
जल्ला के सिर पर चोट लगी और वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना के आधार पर पुलिस ने आरपीसी की धारा 307 के तहत केस दर्ज किया।
चोट गहरी होने के कारण डाक्टरों की सलाह पर जल्ला के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। जम्मू में इलाज के दौरान 23 नवंबर को जल्ला ने दम तोड़ दिया।
जांच के दौरान आईओ ने हथियार बरामद किए और चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच में आरोपी को हत्या का आरोपी पाया गया और जल्ला की मौत के बाद उसके खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया।
सुनवाई के दौरान जज ने पाया कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से आरोपी के शरीर के नाजुक हिस्से में कई वार किए, जो उसकी मौत का कारण बने।
अभियोजन द्वारा रखे गए साक्ष्य आरोपी को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त हैं। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा और छह हजार रुपये जुर्माना लगाया।