नगरोटा के पुलिस स्टेशन में एक दंपति ने ट्रैफिक पुलिस की डीटीआई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। दंपति का आरोप है कि डीटीआई की दबंगई के कारण उनका बच्चा दुनिया में आने से पहले ही मर गया। अभी तक पुलिस ने इसे मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है। दंपति ने ट्रैफिक पुलिस अधिकारी और अन्य ट्रैफिक कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बजालता के रहने वाले अब्दुल हुसैन का कहना है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी सुल्ताना बीबी को अस्पताल ले जा रहे थे। उसे घर में ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। नगरोटा पहुंचने पर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान उनकी पत्नी को ब्लीडिंग होना शुरू हो गया। वह ट्रैफिक कर्मियों को बोलते रहे कि उन्हें जाने दें, लेकिन उन्होंने बिलकुल नहीं मानी। यही नहीं, डीटीआई बसंती ने कार की चाबियां ही छीन लीं।
जब उन्होंने खुद कुछ देर के बाद ब्लीडिंग होती देखी तो फिर उनको जाने दिया गया। जब वह अपनी पत्नी को लेकर नर्सिंग होम पहुंचे, तो उनका बच्चा मर चुका था। डाक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उनकी पत्नी को बचाया गया। डाक्टरों का भी कहना है कि पत्नी के देरी से पहुंचने के कारण बच्चे की मौत हो गई।
दंपति के साथ आए सरदार अली का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की दबंगई की वजह से ऐसा हुआ है। वह इसकी शिकायत आईजी ट्रैफिक और डीजीपी पुलिस के पास भी करेंगे। इस बारे में एसएसपी ट्रैफिक उदय भास्कर बिल्ला से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया।