गैंग रेप के आरोप में ट्रायल का सामना कर रहे चार आरोपियों, मोहम्मद यूसुफ, चंडिया, नूर हुसैन और मोहम्मद यूनुस की जमानत अर्जी भद्रवाह की प्रिंसिपल सेशन जज बलाल ज्योति ने खारिज कर दी।
पुलिस केस के अनुसार 13-14 नवंबर 2013 की दरमियानी रात को चारों आरोपियों ने पीड़ित विधवा के घर का दरवाजा खटखटाया। उस समय वह अपने बच्चों के साथ सो रही थी।
दरवाजा खुलने पर आरोपियों ने महिला को जबरन घर से बाहर निकाल लिया और बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। आरोपियों ने महिला की आंखों में पट्टी बांधी और उसके दोनों हाथ बांधकर जबरन अपने साथ जंगल की ओर ले गए। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।
प्रिंसिपल सेशन जज ने जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए पाया कि विधवा महिला पहले ही बेसहारा होती है। उसे समाज से बेहतर सुरक्षा की आस होती है। जिस तरह से उसके साथ बलात्कार किया गया, उससे वह निराश्रित होने के साथ समाज से निकाली हुई पीड़ित प्रतीत होती है।
इस केस में 40 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार हुआ। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत चारों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज करती है।