अभियोजन पक्ष के गवाहों द्वारा बयान बदलने के चलते अगवा और बलात्कार करने के आरोपी एडवोकेट को कोर्ट ने बरी कर दिया। पुलिस केस के मुताबिक 23 मार्च 2013 को दोपहर एक बजे आरोपी अंजर अहमद निवासी गोहलाद (मेंढर, पुंछ) ने पीड़ित को मेंढर कसबे से अगवा किया और उसे क्वाली वन में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया।
इसके चलते कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी को भी उसके खिलाफ लगाई गईं धाराओं से अवगत करा दिया गया था, पर आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनते हुए प्रमुख सत्र न्यायाधीश जफर हुसैन बेग ने पाया कि पीड़िता की ओर से दर्ज कराए गए बयान में कहा गया गया है कि न ही उसको अगवा किया गया था और न ही उसके साथ बलात्कार किया गया गया। ऐसे में पीड़िता की ओर से ही आरोपी को मामले में क्लीन चिट दे दी गई है।
ऐसे में अभियोजन पक्ष से मामले में कोई और गवाह पेश करने के लिए कहना व्यर्थ है। लिहाजा, अभियोजन पक्ष की प्रासिक्यूशन को बंद किया जाता है। साथ ही कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के किसी भी गवा द्वारा आरोपी के खिलाफ कोई बयान दर्ज नहीं कराया गया है इसके चलते आरोपी के खिलाफ सीआरपीसी 342 के अंतर्गत भी कोई मामला नहीं बनता। परिणामस्वरूप चालान खारिज करते हुए आरोपी को दोषमुक्त किया जाता है।