जिला कोर्ट ने दहेज के लिए हत्या के आरोप से पति सुरजीत सिंह, कमलेश कौर, हरबंस सिंह और मंजीत सिंह सोनी निवासी गोडन वाला अखनूर को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा अभियोजन पक्ष केस साबित करने में नाकाम रहा है।
पुलिस केस के अनुसार नौ मार्च, 2009 को टेलीफोन से सूचना मिली कि मंजीत कौर निवासी गोडन वाला अखनूर को मिलिट्री अस्पताल सतवारी में भर्ती कराया गया है। वह आग से झुलस गई है और दूसरे दिन ही उसने दम तोड़ दिया।
दम तोड़ने के बाद कुलदीप सिंह निवासी जड़ ने लिखित में शिकायत पेश की। इस शिकायत में बताया गया कि मंजीत कौर की हरबंस सिंह से 12 नवंबर 2003 को शादी हुई थी। दहेज मांग को लेकर अक्सर उसे प्रताड़ित किया जाता रहा।
इससे तंग आकर आठ मार्च 2009 को उसने केरोसिन तेल छिड़क कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। वह सौ फीसदी आग में झुलस गई। मायके वाले व पुलिस को सूचना दिए बिना ही मंजीत के ससुराल वालों ने उसे अखनूर के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से मंजीत कौर को मिलिट्री अस्पताल सतवारी में शिफ्ट कर दिया गया।
पुलिस के पहुंचने से पहले ही पीड़िता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो रहे हैं। आरोपियों को बरी करने का आदेश पारित किया गया।