कंडी क्षेत्र के जखोल गांव में एक व्यक्ति का शव फंदे से झूलता मिला। शव जिला अस्पताल पहुंचा तो ग्रामीणों ने मौत के लिए हरियाणा पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने हरियाणा पुलिस पर व्यक्ति को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे तंग आकर ही ग्रामीण ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
मृत व्यक्ति पूरन सिंह मंगनी जखोल का रहने वाला था। राजबाग पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पूरन सिंह के बेटे सन्नी और गांव के सरपंच देविंदर सिंह ने कहा कि पूरन ने पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है।
उन्होंने बताया कि सन्नी और उसके पिता पूरन सिंह अमृतसर मंडी में काम करते थे। अंबाला का रहने वाला एक युवक भी उनके वहां काम करता था।
पूरन सिंह के नाम से जारी हुई मोबाइल सिम से अंबाला के उक्त युवक ने एक लड़की को फोन किया था। कुछ दिन बाद लड़की उस युवक के साथ लापता हो गई। परिवार वालों ने जब पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, तो कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को पूरन सिंह का नंबर मिला।
सन्नी ने बताया कि एक महीने पूर्व पुलिस उनके घर आई थी और पूरे मामले के लिए उसके पिता पूरन सिंह को दोषी ठहराते हुए हिरासत में लेने की धमकी देकर लौट गई।
वीरवार को पुलिस टीम फिर से गांव आ रही थी जिसका पता चलने पर पूरन सिंह ने पुलिस की प्रताड़ना और बदनामी के डर से फंदा लगाकर अपनी जान ले ली।
उन्होंने कहा कि इस मौत के लिए जिम्मेदार हरियाणा पुलिस टीम के सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। राजबाग थाना प्रभारी ने बताया कि मामले को धारा 174 के तहत दर्ज किया गया है। जांच में परिवार के सदस्यों और सरपंच के बयानों को तवज्जो दी जाएगी।