मीरां साहिब। क्षेत्र के किसानों की गेहूं की फसल को आग से बहुत नुकसान पहुंचा है। किसानों के खेत के खेत आग की भेंट चढ़ गए हैं। इसके कई ऐसे किसान हैं जिन्हाेंने कर्ज लेकर फसल की बुआई की। अब जब फसल तैयार तो वह आग की भेंट चढ़ गई। सरकार किसानों को जली फसल का मुआवजा दे। ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।
यह कहना है भारतीय किसान संघ के पूर्व महासचिव सुभाष दषगोत्रा का। वह बुधवार को प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को राहत राशि मुहैया कराए जाने का प्रावधान रखा गया और खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जलने पर राहत राशि मुहैया कराए जाने का प्रावधान नहीं होने पर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों का छह माह का खर्च चलाए जाने का दारोमदार गेहूं की फसल पर निर्भर होता है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आग लगने पर दमकल सही समय पर नहीं पहुच पाती। खेतों में लगी बिजली की तारों को समय पर ठीक नहीं किया जाता। इस दौरान पूर्व सरपंच देवेंद्र कुमार सहित क्षेत्र के अन्य किसान मौजूद रहे। ब्यूरो