खमरिया (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र के गांव रंजीतगंज में मां के साथ ननिहाल में रह रही एक आठ वर्षीय बच्ची रविवार की शाम घर के दरवाजे पर खेलते समय लापता हो गई। बुधवार को बच्ची का क्षत-विक्षत शव गन्ने के खेत में मिला। शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। उसका विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। बच्ची के नाना ने किसी रंजिश से इंकार किया है।
गांव रंजीतगंज निवासी गोबरे प्रसाद ने बताया कि उनका पंडितपुरवा निवासी दामाद श्याम कुमार बाहर रहकर मजदूरी करता है। उनकी पुत्री गुग्गा देवी अपनी आठ वर्षीय पुत्री नीलू और छह वर्षीय पुत्र के साथ उनके साथ रह रही है। रोजना की तरह रविवार की शाम करीब पांच बजे नीलू घर के बाहर खेल रही थी। खेलते समय ही वह लापता हो गई। अंधेरा होने तक वह घर नहीं पहुंची तो परिवार वालों को चिंता हुई और उसकी खोजबीन शुरू की। आसपास के खेत भी खंगाले, लेकिन नीलू का कोई पता नहीं चला। सोमवार को थाना में नातिन के लापता होने की सूचना दी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। उन्होंने बताया कि बुधवार को उन्होंने फिर खेतों को खंगालना शुरू किया तो गांव से करीब एक किलोमीटर दूर राधे के गन्ने के खेत में शव पड़ा मिला। उनका कहना है कि शव क्षत-विक्षत था। गले, हाथ-पैर में धारदार हथियार से कटे होने के निशान थे। उन्होंने नीलू की हत्या होने की आशंका जताई है, लेकिन किसी से रंजिश और दुष्कर्म की बात से भी साफ इंकार किया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया हत्या प्रतीत नहीं हो रही है। शव तीन दिन पुराना है। ऐसा लगता है कि सिर के बाल, चेहरा और हाथ जानवरों ने कुतर दिए हैं।
एक किलोमीटर दूर खेत में कैसे पहुंची नीलू
खमरिया। मृत नीलू गांव में ही स्थित प्राथमिक स्कूल में कक्षा दो की छात्रा थी। उसके नाना के मुताबिक वह रोज ही घर के बाहर खेला करती थी। जिस खेत में बच्ची का शव बरामद हुआ है। वह उनके घर से करीब एक किलोमीटूर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर नीलू गन्ने के खेत में कैसे पहुंची? अगर वह खुद गई तो ऐसा कौन सा उसे काम था कि वह अकेली ही खेत पर चली गई। परिवार वाले भी इस बात का कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस भी ऐसे कई सवालों के जवाब तलाश रही है। इन सवालों को लेकर गांव में तरह-तरह की लोग चर्चा कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्ची शाम के समय इतनी दूर गन्ने के खेत में अकेली नहीं जा सकती। कोई दूसरा शख्स जरूर रहा होगा। इसका राजफाश तो पुलिस जांच में ही हो सकता है।
शव तीन दिन पुराना लग रहा है। ऐसा लगता है कि शव को जानवरों ने कुतरा है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह साफ हो सकेगी। कई पहलुओं पर पुलिस बारीकी से जांच कर रही है।
- अजय कुमार मिश्रा प्रभारी निरीक्षक थाना ईसानगर