सांबा। जिले के मनोहर गोपाला निवासी सुनील सिंह के पांच वर्षीय बेटे दिव्यांश सिंह को फ्रूटी में जहर देकर मारने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इसी संदर्भ में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर जांच कर रही है कि जहर देने के पीछे कौन है।
सनद रहे कि पांच वर्षीय दिव्यांश कस्बे के एक निजी स्कूल में पढ़ता है। कोरोना के चलते स्कूल बंद है। 19 अगस्त को एक आटो चालक ने सुनील सिंह के घर के निकट एक दुकानदार को एक पैकेट दिया। उस पर बालक के स्कूल का पता था। दुकानदार ने उक्त पैकेट को सुनील सिंह के घर भेज दिया। परिजनों ने उसे खोला तो उसमें तीन फ्रूटी थी। परिजनों ने उसे फ्रिज में लगा दी। शाम को दिव्यांश ने एक फ्रूटी निकाल कर अभी एक ही घूंट पिया था कि उसकी सेहत बिगड़ने लगी। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे जम्मू रेफर कर दिया गया। उन्होंने इस संबंध में रख अंब टाली पुलिस को भी शिकायत की। पुलिस ने मामला दायर कर सीसीटीवी की फुटेज खंगाली, जिसमें पहले दुकानदार को पकड़ा तो उसने बताया कि उसे एक आटो चालक दे कर गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद आटो चालक को दबोच लिया।
सूत्रों के अनुसार आटो चालक ने पुलिस को बताया की उसे उक्त पैकेट एक महिला ने दिया था। पुलिस गहन जांच में जुटी है। आखिर कौन है जो नन्हे बालक को जहर देकर हत्या करना चाहता था। इस दिशा में पुलिस को कई अहम सुराग मिलने की संभावना है।