सांबा। पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है। नए वर्ष में आज तक पुलिस ने केवल घगवाल में ही पशु तस्करी के 17 प्रयास नाकाम कर 131 मवेशियों को मुक्त कराया है। हालांकि तस्करों को भी हिरासत में लिया है। उन्हें जमानत पर छोड़ दिया है। पशु तस्करी में इस्तेमाल वाहन आज भी थानों में खडे़ हैं।
गौरतलब है कि पशु तस्करी के मामलों में अधिकतर तस्कर फरार हो जाते हैं। इक्का-दुक्का तस्कर ही पुलिस की गिरफ्त में आते हैं। पशु तस्करी के अधिकतर मामले घगवाल थाने में आ रहे हैं। घगवाल के टपियाल में हाईवे पर लगाए नाके में तैनात जवानों ने बताया कि हाईवे पर चलने चाले प्रत्येक वाहनों की जांच कर पाना मुश्किल होता है। फिर भी वह सारी रात जांच में जुटे रहते हैं। जब वह वाहन को रुकने का इशारा करते हैं तो पशु तस्कर वाहन भगाने लगते हैं। पीछा करने पर कुछ दूरी पर वह वाहन छोड़ कर भाग निकलते हैं। कई बार पशु तस्कर पुलिस पर भी हमला बोल देते हैं। वे वाहन में पत्थर भी रखते हैं। नाम नहीं छपने पर एक जवान ने बताया कि अदालती कानून कमजोर होने पर पशु तस्करों को शीघ्र जमानत मिल जाती है। जुर्माना भी काफी कम रखा होता है। पशु तस्करी के कानून सख्त होने चाहिए। तस्करों को सजा दी जानी चाहिए। आज भी घगवाल पुलिस थाना में 300 पशु हैं। जिनके चारे के लिए भी पुलिस के जवान ही मेहनत कर रहे हैं। कुछ सामाजिक कार्यकर्ता मवेशियों के लिए चारा भेज देते हैं। अधिकतर पुलिस के अधिकारी व जवान ही चारे का प्रबंध करते हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
घगवाल थाने में ही एक जनवरी से छह फरवरी तक पशु तस्करी के 17 प्रयास नाकाम किए गए हैं। इस दौरान 131 मवेशी मुक्त कराए हैं। जिन्हें थाने में ही रखा गया है। आज तक कुल 300 मवेशी थाना में हैं।
-कुलदीप राज, थाना प्रभारी, घगवाल