सांबा। जिले के धार्मिक एवं पर्यटक स्थल मानसर में मानसर-सरुंईसर विकास प्राधिकरण की ओर से पर्यटकों के लिए मछलियों को आटा डालने के लिए बनाए गए लकड़ी के मचान की मरम्मत मामले में स्थानीय लोगों ने रोष जताया है। उनका आरोप है कि इसमें बड़े पैमाने पर धांधली की गई है और इसकी जांच बीच में ही रोक दी गई है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि प्राधिकरण के अधिकारियों की इस घोटाले में पूरी भागीदारी रही है। यही कारण है कि इस जांच को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
स्थानीय निवासी रूप चौधरी, अश्विनी शर्मा, महादेव सिंह आदि ने कहा कि मानसर में मचान न. एक टूट चुका था। उसका 27 लाख का टेंडर हुआ, जबकि मचान-दो सही हालत में था। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने मचान-दो की मरम्मत करा कर बिल मचान-एक का पास करा लिया। इसमें 27 लाख रुपये की बंदरबांट की गई। इसकी जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया गया और धांधली की जांच कराने की मांग उठाई गई, लेकिन दो माह गुजरने के बाद भी जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अब एक बार फिर से स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस धांधली की जांच नहीं की जाती है तो सड़क पर उतर आएंगे।