एसडीएम रामलाल शर्मा भठ्ठे की लैबर से बातचीत करते हुए
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आरएस पुरा। कस्बे से सटे गांव बडिला में एक ईंट भट्ठे पर बंधुआ मजदूरों को एसडीएम ने मुक्त कराया है। वह उतर प्रदेश के जिला शामली के रहने वाले हैं। एसडीएम ने इन बंधुआ मजदूरों को प्रशासनिक स्तर पर वापस उत्तर प्रदेश भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले शामली के मजदूरों के एक दल को शौकत नाम का ठेकेदार लेकर यहां आया। उसने एक ईंट भट्ठे पर पहुंचाया और भट्ठा मालिक रमेश चंद्र से रुपये लेकर मजदूरों के दल को छोड़ कर चला गया। इस तरह से यह मजदूर इस भट्ठे पर कार्य कर रहे थे। बीच में इन मजदूरों ने अपने परजिनों को बंधुआ मजदूर बना कार्य करने के बारे में अवगत कराया। शामली के जिला अधिकारी इन मजदूरों के सगे- संबंधियों द्वारा शिकायत करने पर जिलाधीश जम्मू व एसएसपी को लिखित में इस मामले की जांच करने के लिए कहा गया। उन्होंने आरएस एसडीएम रामलाल शर्मा को मौके पर जाकर रिपोर्ट बनाकर भेजने को कहा।
मंगलवार को एसडीएम रामलाल, तहसीलदार रियाज खान व पुलिस ईंट भट्ठे पर पहुंचे और भट्ठा मालिक से जानकारी प्राप्त करने के साथ मजदूरों से बातचीत की। भट्ठे पर मजदूरी कर रहे इनसास, इलियास, नासिर, रेहला, साहिरा रशीदा आदि ने एसडीएम को बताया कि वह अपने घर वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने बंधुआ मजदूर बनाए जाने के लिए कोई शिकायत नहीं की। एसडीएम रामलाल ने इन सभी मजदूरों ईंट भट्ठे से मुक्त कराकर जम्मू रेलवे स्टेशन भेजा। एसड़ीएम ने बताया कि भठ्ठे पर कुल 15 परिवारों में 50 सदस्य थे। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं जिनसे बातचीत कर उन्हें वापस उनके जिले में भेज दिया गया।
ब्रिक कीलन एसोसिएशन के प्रधान जगजीत सिंह ने कहा कि आरएस पुरा उपजिला में चल रहे ईंट भट्ठों पर कही पर भी बंधुआ मजदूर नहीं है। इस मामले में लेबर लेकर आए ठेकेदार शौकत द्वारा भट्ठा मालिक व लेबर को गुमराह किया गया। इस संबंध में ठेकेदार शौकत के खिलाफ आरएस पुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।