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लॉकडाउन में बढ़ी घरेलू हिंसा, रोजाना पांच से सात मामले आ रहे

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जम्मू। बेरोजगारी, आर्थिक तंगी और घर में ही रहने की वजह से महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं। महिला सेल में ऐसी कई शिकायतें पहुंच रही हैं। जिले में दो मामले ऐसे हैं जिनमें महिलाओं को घर में कैद कर उनके मोबाइल फोन तक छीन लिए, किसी तरह से इन महिलाओं ने मायके में संपर्क किया और मायका वालों ने महिला थाने में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने इन महिलाओं को ससुरालियों के चंगुल से छुड़ाया।
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जानकारी के अनुसार महिला थाने में रोजाना पांच से सात घरेलू हिंसा के मामले पहुंच रहे हैं। कुछ ऑनलाइन शिकायतें भी मिल रही हैं। पहले हर दिन औसतन दो से तीन महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होकर थाने में शिकायत लेकर पहुंचती थीं। इनकी एक ही बात सामान्य है कि उनके पति उनसे मारपीट कर रहे हैं और किसी न किसी बात को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है। अधिकतर महिलाएं ऐसी हैं, जिनके पति या तो दुकानदारी करते थे या फिर कोई अन्य निजी काम। दरअसल, सरकारी क्षेत्र को छोड़कर निजी क्षेत्र पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। जिसकी वजह से निजी क्षेत्र में काम करने वाले और इस पर निर्भर रहने वाले अपने घरों में बैठ गए हैं, जो आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और इसका असर उनके वैवाहिक जीवन पर पड़ रहा है, जिसका नतीजा महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा बढ़ना है।
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घर में रहना बन रही वजह
इस समय सब घर में बंद हैं। खासकर दुकानदारी वाले लोग घर में ही हैं। इसकी वजह से घर पर रहने से सारा दिन आपस में किसी न किसी बात को लेकर बहस हो रही है, जो मारपीट तक पहुंच जा रही है। छोटी-छोटी बात भी बढ़ा कारण बन रही है। इसमें खाना अच्छा नही बना होना, सफाई न होना आदि शामिल हैं। घरेलू हिंसा के मामलों में लॉकडाउन की वजह से बढ़ोतरी हुई है।
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- अनीता काटल, इंचार्ज महिला पुलिस सेल, जम्मू
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