सैनिक कॉलोनी हत्या मामले में सेवारत व सेवानिवृत्त पुलिस अफसरों पर जांच की आंच
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सैनिक कॉलोनी के जिस घर में फिजियोथेरेपी सेंटर था वहां पिछले 15 महीनों से पुलिस की नाक के नीचे अनैतिक गतिविधियां चल रही थीं। यही कारण था कि घर के मुख्य प्रवेश द्वार से ज्यादा पीछे वाले गेट से लोगों का आना-जाना लगा रहता था।
फिजियोथेरेपी सेंटर में 21 अगस्त को गोलियां चली थीं। फायरिंग के दौरान मुंबई की महजबीन और दो युवतियां घायल हुईं थीं। उपचार के दौरान महजबीन की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम को कुछ सेवारत और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों की सांठगांठ होने का शक है। अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मुख्य आरोपी हिसार (हरियाणा) का शेर सिंह है। अन्य दो आरोपी सेंटर संचालक नवीन बख्शी और सुखविंदर पाल हैं। सूत्रों के अनुसार इसी तरह के सेंटर पहले शहर के शास्त्रीनगर और जिले के अन्य क्षेत्रों में भी थे। नवीन बख्शी ने कर्नाटक से फिजियोथेरेपी की डिग्री ली है। सुखविंदर पाल रायपुर सतवारी का निवासी है। सेंटर का मालिकाना हक मर्चेंट नेवी अधिकारी जसमीत सिंह के पास है जो सेवानिवृत्त पुलिस सब इंस्पेक्टर जोगिंदर सिंह के बेटे और वरिष्ठ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के करीबी बताए जाते हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में वित्तीय जांच भी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मर्चेंट नेवी अधिकारी ने करोड़ों की संपत्ति कैसे अर्जित की। जांच में कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों की संलिप्तता सामने आने के कारण जांच रोकने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।