जम्मू। प्रदेश में सिम कार्ड के दुरुपयोग के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने आतंकियों व आपराधिक तत्वों की ओर से सिम कार्ड का दुरुपयोग रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। श्रीनगर, गांदरबल, बडगाम, पुलवामा, शोपियां, अनंतनाग, बांदीपोरा, सांबा और किश्तवाड़ सहित कई जिलों में व्यापक निरीक्षण किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आतंकवाद या संगठित अपराध के लिए सिम कार्ड का दुरुपयोग करता पाया गया तो उसे सख्त कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। पिछले एक साल में 30 से अधिक लोगों को उनके नाम पर सिम कार्ड खरीदने व उन्हें गैरकानूनी गतिविधियों के लिए आतंकियों को सौंपने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नागरिकों से उनके नाम पर जारी सिम कार्ड के बारे में सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। राज्य जांच एजेंसी व जिला पुलिस इकाइयां ऐसे उल्लंघनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेंगी। ब्यूरो
सेंट्रल जेल में भी होता रहा है सिम का इस्तेमाल
: बता दें कि सेंट्रल जेल श्रीनगर व जम्मू की कोट भलवाल जेल में बंद कुख्यात अपराधी व आतंकी सिम कार्ड का इस्तेमाल करते पकड़े गए हैं। पुलिस की सीआईडी विंग इसे लेकर कार्रवाई कर चुकी है। बीते तीन साल में जेलों में 100 से अधिक सिम कार्ड व मोबाइल जब्त किए गए हैं।
500 सिम वेंडर सीआईडी के
रडार पर : जानकारी के अनुसार, जम्मू कश्मीर में सिम कार्ड बेचने वाले 500 वेंडर सीआईडी के रडार पर हैं। दो वर्ष पहले सीआईडी ने ऐसे ही 1000 वेंडर की पहचान की थी। इन लोगों की ओर से कम से कम 14,800 फर्जी सिम कार्ड जारी किए गए थे। सीआईडी को शक है कि सिम वेंडर अभी भी सक्रिय हैं।