- हेरोइन के साथ मिल रहे पिस्तौल, कारतूस और एके-47
- छोटे तस्करों से लेकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट भी हथियारबंद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में नशा तस्करी अब युवाओं की नसें खोखली करने तक सीमित नहीं रही। सीमा पार और स्थानीय स्तर पर सक्रिय तस्करों का पैटर्न पूरी तरह बदल गया है। पहले जहां पुलिस और सुरक्षा बलों के छापे में मादक पदार्थ (हेरोइन, चरस, गांजा या दवाइयां) और लाखों रुपये बरामद होते थे। अब ठिकानों से आधुनिक हथियार और गोला-बारूद की खेप मिल रही है। एके-47, पिस्तौल और कारतूस बरामद होने से राज्य की सुरक्षा पर सवाल पर आ गया है। छोटे तस्करों के तार भी अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट जुड़ने से वे भी हथियारबंद हो गए हैं।
जम्मू, सांबा और कठुआ नार्को नेटवर्क के प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर बने हैं। तीनों जिले अंतरराष्ट्रीय सीमा और पंजाब से नजदीक हैं। सीमापार बैठे हैंडलर ड्रोन से हेरोइन की खेप के साथ-साथ हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं। नशा तस्करों से पूछताछ और बरामग हथियारों ने इस बात को पुख्ता भी किया है। नशे के काले कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल हथियार खरीदने और आतंकी नेटवर्क में सहयोग देने में भी किया जा रहा है।
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मामले बता रहे नशा और हथियारों का गठजोड़
4 दिसंबर 2025 - जम्मू पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया। छह आरोपियों से पांच किलो हेरोइन, तीन पिस्तौल व गोला-बारूद मिला। इसी मामले में निक्की तवी निवासी शमदीन को 619 ग्राम हेरोइन, पिस्तौल और आरएस पुरा के मरालियां निवासी अब्दुल हमीद से दो पिस्तौल के साथ पकड़ा था।
21 फरवरी 2026 - गांधीनगर पुलिस ने 167 ग्राम हेरोइन के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार कर दो पिस्तौल बरामद की।
28 फरवरी - मीरां साहिब पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर दिलबाग सिंह और साथियों से 296 ग्राम हेरोइन, पिस्तौल और कारतूस बरामद किए।
23 अप्रैल - बिश्नाह पुलिस ने अमित कुमार से 254 ग्राम हेरोइन, 13 कारतूस और अमेरिका निर्मित बेरेटा पिस्तौल बरामद की।
12 मई - कुख्यात तस्कर अवनीत सिंह उर्फ नागी को 266 ग्राम हेरोइन और ग्लॉक पिस्तौल के साथ पकड़ा गया।
17 जून - अमृतसर से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। उनसे डेढ़ किलो हेरोइन, एके-47 राइफल और पिस्तौल मिली।
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पाकिस्तान के इशारे पर जम्मू-कश्मीर में नार्को टेररिज्म का खेल चल रहा है। सीमा पार बैठे हैंडलर्स पहले युवाओं को नशे की लत लगाते हैं। इसके बाद अपराध की दुनिया में धकेल कर अत्याधुनिक हथियार थमा दिए जाते हैं। ऐसे युवाओं का इस्तेमाल समाज विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है।
- जोगिंदर सिंह, एसएसपी