जम्मू। शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसकी तुलना में पुलिस का दायरा नहीं बढ़ रहा है। इसके चलते पुलिस बेहतर ढंग से अपराध नियंत्रण नहीं कर पा रही है। कई बड़े अपराध का खुलासा करने में पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है। शहर के बठिंठी, चौआदी जैसे इलाकों में तेजी से बाहरी लोग आकर बस रहे हैं। लेकिन उनका वेरिफिकेशन नहीं हो पा रही है। शहर में रहने वाले किरायेदारों की वेरिफिकेशन पूरी तरह से नहीं हो पाई है। अब तक सिर्फ 60 फीसदी लोगों का ही वेरिफिकेशन हुआ है।
जानकारी के अनुसार शहर में ड्रग्स तस्करी और चोरी जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। इसमें कहीं न कहीं बाहर के रहने वाले लोगों का हाथ भी है। रोहिंग्याओं पर आधा दर्जन केस तस्करी और चोरी की घटनाओं में चल रहे हैं। जबकि एक गैंग ऐसा सक्रिय है, जो जम्मू से सामान चुराकर नेपाल में जाकर बेच देता है। पिछले छह महीने में पुलिस ने पंजाब, गुजरात जैसे शहरों के एक दर्जन तस्करों को पकड़ा है। यह तस्कर जम्मू कश्मीर के तस्करों के साथ मिलकर तस्करी कर रहे हैं। हेरोइन और भुक्की की तस्करी मुख्य रूप से हो रही है।
पल्ली मोड़ डकैती के आरोपियों का अब तक पता नहीं
कुछ दिन पहले ही बिश्नाह के पल्ली मोड़ में डकैती की घटना हुई है, जिसके आरोपियों का अभी कोई पता नहीं लगा। इसके पहले गंग्याल के सयोड़ा में भी इसी तरह की घटना हुई थी। घर में घुसकर मारपीट करने के बाद लूट हुई थी, जिसके आरोपियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। यहां तक कि बाहु प्लाजा के बाहर सरेआम एक कंपनी से लाखों रुपये की लूट घटना के आरोपियों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है।
पुलिस सख्त से कार्रवाई कर रही
बठिंडी जैसे इलाके नेशनल हाईवे के साथ लगते हैं, जो तस्करों के लिए थोड़ा आसान रहते हैं। उनकी मूवमेंट आसान हो जाती है। बाहर से आने वाले सारे लोग तो इस तरह के मामलों में शामिल नहीं हैं, लेकिन जो हैं उन पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। पल्ली मोड़ में डकैती मामले में भी पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएगी।
- तेजिंदर सिंह, एसएसपी जम्मू