जम्मू। नगर निगम कार्यालय में संयुक्त आयुक्त और महिला पार्षद के बीच बहस से हंगामा खड़ा हो गया। संयुक्त आयुक्त पर बदसलूकी का आरोप लगा तो महिला पार्षद के मामले पर पार्षदों ने आनन फानन आपात बैठक बुलाई। बाकायदा शिकायत पत्र थाने भेजकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। वहीं, संयुक्त आयुक्त ने महिला पार्षद पर धमकाने का आरोप लगाया है।
वार्ड 50 की पार्षद नीना गुप्ता ने कहा कि वे किसी काम से संयुक्त आयुक्त के दफ्तर गई थीं। सुनवाई करना तो दूर संयुक्त आयुक्त ने उनके साथ बदसलूकी की। उन्हें दफ्तर से ही निकाल दिया। बतौर पार्षद वे जनता से जुड़े मसले को लेकर गईं थीं। लेकिन अधिकारी ने पद की गरिमा का ख्याल नहीं रखा। पार्षद ने अन्य पार्षदों के समक्ष मामला उठाया जिसके बाद आपात बैठक बुला ली गई। मेयर चंद्रमोहन गुप्ता की अध्यक्षता में पार्षदों ने घटनाक्रम पर चर्चा करने के बाद एक स्वर में एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया गया। मेयर ने थाना प्रभारी और संयुक्त आयुक्त को दफ्तर में बुलाया लेकिन कोई नहीं आया। इस पर थाने के मुंशी को बुलाकर शिकायत पत्र पुलिस को सौंप दिया गया। शिकायत में कहा गया कि संयुक्त आयुक्त इससे पूर्व भी दो पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार कर चुके हैं।
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छन्नी हिम्मत में नियमों को ताक पर रखकर बने भवन को गिराया जाना है। इसके लिए नोटिस जारी किया गया है। भवन को सील करने की प्रक्रिया चलाई जानी है। इसी मसले पर पार्षद नीना गुप्ता, भवन मालिक राजकुमार और एक अन्य व्यक्ति उनके केबिन में आए और दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि पार्षद धमकी दे रही हैं कि जो भी अधिकारी भवन सील करने के लिए आएगा उसके साथ मारपीट होगी। ऐसी बातें करने पर उन्हें केबिन से बाहर जाने को कहा गया है।
- अशीष गुप्ता, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम जम्मू