जम्मू। नशा मुक्ति केंद्र से भागने के बाद मृत मिले मोहित शर्मा के परिजनों ने बेटे की मौत की कड़ी जांच की मांग की है। शहर के मस्तगढ़, चौक चबूतरा क्षेत्र में उसका शव बरामद हुआ और इसके बाद पुलिस ने परिवार को सूचित किया। परिवार ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र वाले बेटे से बात तक नहीं कराते थे। हालांकि सोमवार की रात मोहित की मां को केंद्र से फोन जरूर आया था, लेकिन वह फोन अटेंड नहीं कर सकीं। मोहित जम्मू के पीर मिट्ठा का रहने वाला था।
मोहित की मां अमिता शर्मा ने बताया कि 15 जनवरी को मोहित को सांबा के नशा मुक्ति केंद्र में भेजा गया था। केंद्र वालों ने हर महीने उपचार के लिए 15 हजार रुपये लेने के लिए कहा। बैंक खाते में ही उनके पैसे जमा करवा दिए गए। केंद्र वाले बेटे से मिलने भी नहीं देते थे। दो महीने में बस एक बार ही वह मोहित से मिल पाई थीं, जबकि चार दिन पहले उससे फोन पर बात हुई थी। जब उससे मिलने गए थे तो सीसीटीवी फुटेज से ही मोहित को एक कमरे में अन्य युवकों के साथ बैठे दिखाया गया। इसके बाद कभी बात नहीं करवाई गई। चार दिन पहले मोहित ने फोन पर कहा था कि उसको कुछ गर्म कपड़े चाहिए। अमिता का कहना है कि वे नहीं जानते कि बेटा वहां से कैसे भागा और जम्मू के चौक चबूतरा में कैसे पहुंच गया। उनको पुलिस कंट्रोल रूम से फोन आया था कि मोहित की मौत हो गई है।
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नशे से मुक्ति के लिए भेजा था
मोहित की अभी शादी भी नहीं हुई थी। मां कहती हैं कि मोहित को नशे की लत लग चुकी थी। उसने ही कहा था कि वह इससे छुटकारा चाहता है, इसके लिए वह नशा मुक्ति केंद्र जाएगा। परिवार ने उसे जाने दिया। सोचा था कि उसे नशे से मुक्ति मिल जाएगी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उसकी जान ही चली जाएगी।