जम्मू। सतवारी चौक पर फिल्मी स्टाइल में एक क्रेटा कार चालक ने नाके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मी को बोनट पर टांगकर एक किलोमीटर तक चक्कर कटवाया। गनीमत रही कि कर्मी कार से नीचे नहीं गिरा वरना नतीजा कुछ भी हो सकता था। वहीं अभी तक आरोपी चालक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
यह वाक्या उस समय हुआ जब सतवारी चौक पर ट्रैफिक पुलिस ने नाका लगाया था, यहां तैनात दो ट्रैफिक कर्मियों ने कार (जेके02सीएल2547) के चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रुका और दोनों कर्मियों को टक्कर मार भागने लगा। वहीं थोड़ी दूर खड़े अन्य ट्रैफिक कर्मी दीपक कुमार ने कार के आगे खड़े होकर चालक को रोकना चाहा। लेकिन वह तब भी नहीं रुका और कार के बोनट पर ट्रैफिक कर्मी को टांगकर सतवारी चौक से शास्त्री नगर श्मशान घाट तक ले गया। हालांकि कर्मी बोनट से नहीं उतरा, जिससे चालक को कार रोकनी पड़ी। इसके बाद आरोपी कार से उतरकर मुलाजिम से बहस करने लगा। इस दौरान लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया। कार में दो से तीन महिलाएं भी थीं। आरोपी के खिलाफ गांधी नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
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गांधी नगर पुलिस थाने में आरोपी
पर जानलेवा हमले का केेस दर्ज
गांधी नगर के थाना प्रभारी पंकज शर्मा का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की तरफ से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला, रैश ड्राइविंग, हिट एंड रन का केस दर्ज किया है। कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है, जबकि आरोपी फरार है। ट्रैफिक पुलिस कर्मी दीपक का कहना है कि उसने कई बार चालक को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। हालांकि बाद में चालक को कार रोकनी पड़ी। दीपक का कहना है कि उसकी बोनट पर पकड़ बन गई थी। इसकी वजह से उसका हाथ नहीं छूटा। चालक ने उसे कई बार नीचे गिराने का प्रयास भी किया। यदि वह गिर जाता तो जान जा सकती थी। वहीं कार की टक्कर के बाद एएसआई प्रेम सागर और कांस्टेबल सुनील को मामूली चोटें आई हैं।
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पहले भी दीपक के साथ
ऐसा हादसा हो चुका
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले भी ट्रैफिक पुलिस कर्मी दीपक के साथ ऐसा हादसा हो चुका है। तब भी एक कार चालक उसे बोनट पर सतवारी से सैन्य अस्पताल तक ले गया था, तब भी वह बाल-बाल बच गया था।
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एक माह पहले अंबफला चौक
पर कुचला था पुलिस कांस्टेबल
हिट एंड रन केस का इस साल का यह 7वां मामला है। बीते कुछ सालों में अब तक इस तरह के 139 मामले जम्मू में सामने आ चुके हैं। अभी एक माह पहले ही शहर के अंबफला चौक पर पशु तस्करों ने एक पुलिस कांस्टेबल को नाके पर ड्यूटी के दौरान गाड़ी से कुचल दिया था। कांस्टेबल ने भी तस्करों को रोकने का प्रयास किया था, लेकिन आरोपियों ने कांस्टेबल को वाहन से टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।