पुंछ। पुंछ और राजोरी की सीमा के जंगलाें में छिपे आतंकियों के एक मददगार को गिरफ्तार किया गया है। भाटादूड़ियां का रहने वाला यासीर अराफात उन तीन लोगों में शामिल है, जिन्हें पुलिस ने नेपाल के काठमांडु से सऊदी अरब जाते हिरासत में लिया था। पूछताछ में पता चला है कि यासिर आतंकियों और सीमा पार बैठे उनके आकाओं के संपर्क में रहा है। पुलिस ने यासिर को गिरफ्तार कर उससे कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। यासिर से पूछताछ में आतंकियों से जुड़े कुछ और राज सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यासिर अराफात भाटादूड़ियां का रहने वाला है। इसी क्षेत्र में आतंकियों ने 14 अक्तूबर को सैन्य टुकड़ी पर हमला कर दिया था। कुछ दिन पहले तीन लोगाें को नेपाल के काठमांडु से पकड़ा गया था। यह लोग सऊदी अरब जाने की तैयारी में थे। इन्हीं में शामिल यासिर से पूछताछ में उसके टेरर नेटवर्क से लिंक सामने आए हैं। यासिर आतंकियों के संपर्क में था। उसके तार एलओसी के पार बैठे आतंकियों के आकाओं से भी जुड़े हैं। आतंकियों की गोलीबारी में मारे गए पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा से भी यासिर का संपर्क रहा है। जिया मुस्तफा कोट भलवाल जेल से आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें छिपने के ठिकानों, सुरक्षा बलों से बचने के तरीके बता रहा था।
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अब तक चार गिरफ्तार, दर्जनों से पूछताछ
चमरेड़ और भाटादूड़ियां के जंगलों में सेना पर दो आतंकी हमलों को लेकर पुलिस ने अभी तक चार लोगाें को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। तीन लोगाें को नेपाल के काठमांडू से हिरासत में लिया गया था, जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस तरह से कुल चार लोगाें के पास आतंकियों की पूरी जानकारी होने की बात सामने आई है। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से यह लोग आतंकी साजिश का हिस्सा बताए जा रहे हैं। वहीं, पुलिस ने शक के आधार पर राजोरी और पुंछ से दो दर्जन के करीब लोगाें को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इनमें से ज्यादातर वे लोग पाए गए हैं, जिनके यहां आतंकियों ने खाना खाया या फिर किसी तरह की मदद हासिल की। हालांकि इन लोगों को आतंकियों ने बंदूक दिखाकर डराया था। लिहाजा पुलिस ने पूछताछ के बाद ज्यादातर को छोड़ दिया है।