- कुलभूषण ने 2021 में विनय के लोन की गारंटी दी थी, हर महीने कट रहे थे 15-17 हजार रुपये
- कार पुंछ और अनंतनाग में दो बार बिकी, जम्मू पहुंचते ही ट्रैफिक पुलिस ने किया जब्त
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। दूसरे व्यक्ति के कार लोन की गारंटी देना जलशक्ति विभाग से सेवानिवृत्त कुलभूषण नंदा के लिए परेशानी का कारण बन गया। लोन लेने वाले ने दो-तीन किस्तें देने के बाद भुगतान बंद कर दिया तो बैंक ने गारंटर नंदा के खाते से हर महीने 15 से 17 हजार रुपये काटने शुरू कर दिए।
करीब चार साल तक पेंशन से रकम कटती रही। जिस कार के लोन की गारंटी उन्होंने दी थी, वह भी लोन लेने वाले के पास नहीं रही और आगे बेच दी गई। अब चार साल बाद कार को ट्रैफिक पुलिस ने जब्त किया है।
नंदा के अनुसार वर्ष 2021 में उन्होंने सचिवालय स्थित जेएंडके बैंक शाखा में विनय गुप्ता के कार लोन की गारंटी दी थी। कुछ किस्तें चुकाने के बाद गुप्ता ने भुगतान बंद कर दिया। बैंक ने गारंटर होने के कारण नंदा के खाते से लोन की किस्त वसूलनी शुरू कर दी। नंदा ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन भी बंद हो गया। बैंक से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
इसके बाद परेशान होकर नंदा ने वर्ष 2021 में अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने पुलिस और ट्रैफिक विभाग को कार का नंबर और अन्य जानकारी भी दी। बावजूद इसके वाहन बरामद नहीं हो सका। इस दौरान बैंक उनकी पेंशन से लगातार रकम काटता रहा। मामले में हाल में सत्र न्यायाधीश जम्मू ने वाहन (जेके02सीके6410) को जब्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को वारंट जारी किया। डीएसपी ट्रैफिक अश्विनी शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला कि अक्तूबर 2025 में इस कार का जम्मू में चालान हुआ था। जांच में सामने आया कि कार पहले पुंछ और फिर अनंतनाग में बेची गई थी। 31 अगस्त को कार जम्मू पहुंची तो ट्रैफिक पुलिस ने उसे जब्त कर लिया। फिलहाल वाहन पक्का डंगा थाने में है। ट्रैफिक पुलिस ने अदालत को इसकी रिपोर्ट सौंप दी है। करीब चार साल से कार की तलाश कर रहे नंदा दंपती को अब मामले में आगे कार्रवाई की उम्मीद है।