-क्राइम ब्रांच ने तीन लोगों के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी,
- एमईएस में नौकरी का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों रुपये ठगने व फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र से पुलिस में नौकरी हासिल करने के दो मामलों का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच जम्मू की स्पेशल क्राइम विंग ने एक सेवानिवृत्त एएसआई समेत तीन लोगों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
पहला मामला पुंछ जिले के मेंढर क्षेत्र का है। यहां मोहम्मद यूनिस और सरफराज अहमद पर चार लोगों से उनके बच्चों को मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार दोनों आरोपियों ने नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे छह लाख रुपये से अधिक की रकम वसूली। बाद में उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया। जब नियुक्ति पत्रों की जांच कराई गई तो पता चला कि उन पर लगी मुहर और हस्ताक्षर फर्जी है। संबंधित विभाग ने भी साफ किया कि ऐसे कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया था। इसके बाद मामला क्राइम ब्रांच तक पहुंचा। दूसरा मामला उधमपुर जिले के रामनगर निवासी सेवानिवृत्त एएसआई हमीद उल्लाह से जुड़ा है। आरोप है कि उसने जम्मू-कश्मीर पुलिस में भर्ती के समय आठवीं कक्षा का फर्जी स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र जमा किया था। उधमपुर में जिला शिक्षा कार्यालय से रिकॉर्ड की जांच कराई गई तो पता चला कि संबंधित स्कूल में उसके नाम का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। क्राइम ब्रांच का कहना है कि दोनों मामलों में प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद एफआईआर दर्ज की है। एसएसपी क्राइम ब्रांच संजय परिहार ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी को पैसे न दें किसी भी नियुक्ति पत्र की पहले संबंधित विभाग से पुष्टि जरूर करें।