बीते पांच महीनों में किश्तवाड़ पुलिस ने तीन ऐसे मददगारों को गिरफ्तार किया है जो आतंकियों को पनाह, राशन, कपड़े और अन्य रसद उपलब्ध कराते थे। स्थानीय मददगारों के सहारे ही सैफुल्लाह ग्रुप लंबे समय तक सक्रिय रहा और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। सुरक्षाबलों ने इस ग्रुप को इस्राइल ग्रुप का नाम दिया था। इसमें सात सदस्य थे। पिछले डेढ़ साल के दौरान सुरक्षाबलों का 17 अलग-अलग मौकों पर इन आतंकियों से आमना-सामना हुआ था। इन आतंकियों का किश्तवाड़ में स्पोर्ट सिस्टम इतना मजबूत था कि जिले के सिंहपोरा (छात्रू) के घने जंगलों में लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर ठिकाना बनाया था, जो हमास स्टाइल भूमिगत ठिकाना था। निकासी की भी जगह थी।
ठिकाने में गैस सिलिंडर, गैस चूल्हा, खाना बनाने के बर्तन, दो से तीन महीने का राशन और पानी के लिए प्लास्टिक का बड़ा ड्रम मिला था। इतनी ऊंचाई पर आतंकियों तक यह सामान इन मददगारों ने पहुंचाया था। स्थानीय स्तर पर मिली सहायता के कारण ही सुरक्षाबलों का ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना रहा। अब इन मददगारों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आतंकियों को किन-किन लोगों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दिया। किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह के अनुसार आतंकवादियों को मदद और सुविधाएं मुहैया कराने वालों पर कार्रवाई जारी है।