विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के मामले में कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने की अपील को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा मामला विधानसभा में हुआ है और कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। मुख्य दंडाधिकारी (सीजेएम) जम्मू अश्विनी शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता शक्ति उप्पल की याचिका को खारिज कर दिया।
कोर्ट में उप्पल ने याचिका पेश कि नेशनल कांफ्रेंस के विधायक अकबर लोन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। विधायक ने विधानसभा में 10 फरवरी 2018 को पाक समर्थन में नारे लगाए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। सीजेएम ने अपील को खारिज कर दिया और कहा नारे विधानसभा में लगे हैं।
विधायक विशेष व्यक्ति होता है। इस मामले में विधानसभा ही कोई फैसला कर सकती है और हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता की अपील के अनुसार नारे लगाने वाला विधायक सोनावाडी क्षेत्र से जीता है। विधायक बनने के दौरान उसने शपथ भी ली।
इसके बावजूद विधायक ने भरी विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। उसने जानबूझकर अपराध किया। देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
इतने दिन बीत जाने के बाद भी विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज नहीं की। एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी करके पार्टी की सदस्यता से भी निष्कासन किए जाने की कोर्ट में अपील की गई थी।