एलओसी पर पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ की बड़ी कोशिश को सेना ने नाकाम किया है। घुसपैठियों की तलाश में सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है। पूरे इलाके में जंगलों की खाक छानी जा रही है ताकि आतंकी कहीं छिपे न हों।
राजोरी जिले में भी एलओसी पर संदिग्ध हलचल देखे जाने के बाद सर्च आपरेशन चलाया गया। बीती रात मेंढर सेक्टर में तैनात जवानों ने चार से पांच आतंकियों के ग्रुप कोे घुसपैठ करते देखा। संदिग्ध हलचल देख जवानों ने उन्हें ललकारा। साथ ही फायरिंग शुरू कर दी।
इस पर आतंकी भाग गए। घटना के बाद पूरे इलाके के चप्पे-चप्पे को खंगाला गया। इस बात की तस्दीक की जा रही है कि कहीं आतंकी घने जंगलों का फायदा उठाकर छिपे न हों। सूत्रों का कहना है कि आईबी पर घुसपैठ के प्रयास में नाकाम रहने से बौखलाया पाकिस्तान राजोरी तथा पुंछ जिले में सीजफायर उल्लंघन कर आतंकियों को धकेलने की लगातार साजिश कर रहा है।
बता दें कि सुंजवां हमले के बाद से आतंकी लगातार घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे है। गौरतलब है कि कि उत्तरी कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डी अनबू ने बुधवार को मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब देते हुए बताया था कि मौजूदा समय में भी सीमा पार 400 से अधिक आतंकी घुसपैठ की फिराक में लांचिंग पैड पर बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि घुसपैठ को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, क्योंकि सीमा पार आतंकवादियों की तादाद कभी कम नहीं होती है। कश्मीर में जितने भी आतंकी मारे जाते हैं, उससे कई गुना ज्यादा प्रशिक्षण लेकर सीमा पर घुसपैठ करने के लिए तैयार रहते हैं।
डी अनबू ने बताया कि मौजूदा समय में भी साउथ ऑफ पीर पंजाल में 185 से 220 और नार्थ ऑफ पीर पंजाल में 195 से 220 आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार हैं। इनका नंबर कभी कम नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हिज्बुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा अब घाटी में एक दूसरे से जुड़ कर काम कर रहे हैं।