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पीओके के आतंकी को कोर्ट का नोटिस

Thu, 08 Jan 2015 05:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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अभियोजन की असफलता के कारण ट्रायल कोर्ट से रिहा होने वाले दो आरोपी आतंकियों को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। सरकार की ओर से उपस्थित एएजी सीमा शेखर की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस ताशी राबस्तन ने आरोपी आतंकी अख्तर हुसैन (गांव शिवा, भद्रवाह) और आसिफ खान (रावालकोट पीओके) को नोटिस जारी किया है और आपराधिक रिहाई अपील को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
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पुलिस केस के अनुसार पांच सितंबर, 2006 को डोडा के एसएसपी ने भद्रवाह पुलिस थाने के एसएचओ को पत्र लिख हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी आसिफ खान (निवासी रावलाकोट, पीओके) के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा, जिसके पास से फर्जी और जाली चुनाव कार्ड मिला। आरोप है कि सेना और पुलिस द्वारा 26 दिसंबर, 2004 को भद्रवाह के सुंगील क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया था।

इस दौरान आरोपी आसिफ खान के पास से हथियार और अन्य सामान के अलावा एक चुनाव आई कार्ड (जेके-53-015113) बरामद हुआ, जो सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (डोडा) ने पवन कुमार के नाम जारी किया था। पूछताछ में पता चला कि उक्त आरोपी आतंकी जब 2002 में शिवा क्षेत्र में सक्रिय था, तो वह बिना रोक-टोक के अख्तर हुसैन मलिक (शिवा तहसली, डोडा) के निवास पर आता-जाता था।
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उसने अख्तर से आई कार्ड मुहैया करवाने की मांग की थी। अख्तर ने उसे पवन कुमार का आई कार्ड उपलब्ध करवाया। जांच में पता चला कि अख्तर हुसैन के उक्त आतंकी के अलावा अन्य आतंकी संगठनों और सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी के साथ करीबी संबंध थे।

एसएसपी के पत्र के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ 3 ईएओ और आरपीसी की धारा 471, 468, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि आतंकी आसिफ खान को अख्तर हुसैन के घर में पनाह मिली थी। अख्तर हुसैन पवन कुमार की दुकान पर गया था और धोखाधड़ी से उसके आई कार्ड की फोटो कापी करवाकर फर्जी कार्ड बनवा लिया था।

उस पर बाकायदा आसिफ हुसैन की तस्वीर भी लगा दी। 26 दिसंबर, 2004 को गिरफ्तारी के समय आसिफ खान से उक्त कार्ड बरामद हुआ। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट अदालत में पेश की। ट्रायल कोर्ट का मानना था कि आरोपी के खिलाफ जब पहली एफआईआर में कोई शक नहीं है तो पहली जांच रिपोर्ट पर ही दूसरी एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती।
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जेएनएफ
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