सांबा। अतिरिक्त विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट सांबा की अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत दायर एक शिकायत को शिकायतकर्ता की लगातार गैरहाजिरी के चलते खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता पिछली लगातार तीन सुनवाई तिथियों पर न तो स्वयं उपस्थित हुई और न ही अपने अधिवक्ता के माध्यम से पेश हुईं जिससे यह प्रतीत होता है कि वह मामले को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं रखतीं।
मामला रत्नों देवी उर्फ गोगी निवासी पलूरा की ओर से दायर किया गया था। इसमें पीड़िता ने पति चमन लाल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ महिला घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 12(1) के तहत राहत की मांग की गई थी। रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता की ओर से लगातार अनुपस्थिति रही है और किसी अधिकृत अधिवक्ता ने भी पेशी नहीं दी। ऐसे में अदालत ने शिकायत को गैरहाजिरी के आधार पर निरस्त करते हुए मामले से संबंधित अन्य लंबित आवेदनों को भी समाप्त कर दिया। अदालत ने आदेश दिया कि औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद केस रिकॉर्ड को अभिलेखागार में सुरक्षित रखा जाए। संवाद