जम्मू। डा. भूपेश के बेटे की हत्या मामले में चारों दोषियों को कोर्ट ने 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। द्वितीय सेशन जज विरेंद्र सिंह भाऊ ने शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। आरोपियों में कुंवरपाल सिंह, कौशल सिंह, शूबिंदर सिंह और गगनदीप सिंह शामिल हैं। 17 जुलाई 2008 को इन चारों ने डा भूपेश के बेटे साहिल खजुरिया की हत्या कर दी थी। हालांकि यह मामला गैर इरादतन हत्या का है।
इससे पहले वीरवार को जज ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए चारों को दोषी करार दिया था। कोर्ट में पेश किए गए चालान के मुताबिक यह मामला 17 जुलाई 2008 रात 8 बजे का है। त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन के सेक्टर 7 में यह घटना हुई थी। साहिल खजुरिया अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर जा रहा था। यहां रास्ते में उसे चार युवकों ने रोक लिया। चारों युवक दो अलग-अलग बाइक पर थे। चारों ने साहिल को ओवरटेक करते हुए जगदीश सिंह नाम के व्यक्ति की किराना शाप के आगे रोक लिया। बाइक साहिल खजुरिया चला रहा था। रोकने के बाद बहसबाजी हुई और चारों ने साहिल को बुरी तरह से पीट दिया। साहिल के दोस्तों पारस और नील ने बचाने की कोशिश कि, लेकिन इन्हें भी पीट दिया गया। किरच के वार से जख्मी साहिल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
दोषियों को सजा मिलनी चाहिए : जज
जज ने कहा कि यह न सिर्फ कोर्ट की ड्यूटी है, बल्कि सोशल और लीगल जिम्मेदारी भी है कि दोषियों को पूरी सजा मिले। इसमें सिर्फ अपराध ही शामिल नहीं, बल्कि अपराधी भी हैं। दोषियों को 10-10 साल की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर छह महीने की सामान्य सजा और बढ़ा दी जाएगी। क्योंकि कुंवरपाल सिंह और कौशल सिंह पर 4/27 आर्म एक्ट का भी केस दर्ज है। इसलिए इनको तीन साल की अतिरिक्त सजा और 10 हजार का जुर्माना भी लगा है। यदि यह जुर्माने की रकम नहीं देते तो तीन महीने की सामान्य सजा बढ़ा दी जाएगी। बता दें कि डा. भूपेश मेडिकल कालेज जम्मू के फोरेंसिक विभाग के एचओडी रहे हैं। जेएनएफ