संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण (कैट) ने पारित आदेश की अवहेलना के चलते मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता ने पिछले साल 2024 के आदेश के पालन ना होने की शिकायत की थी। जिसपर कैट ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जम्मू को मुख्य अभियंता की अगली सुनवाई पर उपस्थिति सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता अर्सम इम्तियाज़ मलिक ने 20 जून 2024 के आदेश के पालन न होने की शिकायत की थी।
न्यायाधिकरण ने पाया कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारी को कई बार आदेश के पालन के लिए समय दिया गया, लेकिन उसने न तो आदेश का पालन किया और न ही कोर्ट में उपस्थित होकर कोई स्पष्टीकरण दिया। 6 जून 2025 को सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है, जिसके आधार पर अतिरिक्त समय मांगा गया था। न्यायाधिकरण ने 4 सप्ताह का समय और दिया था, यह स्पष्ट करते हुए कि जब तक उच्चतम न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त नहीं होता, आदेश का पालन आवश्यक है।फिर भी आज तक न तो कोई अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और न ही अदालत में उपस्थित हुए। इस स्थिति को देखते हुए न्यायाधिकरण ने मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग पनामा चौक, जम्मू राजेश कुमार गुप्ता के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। उन्हें अगली सुनवाई में न्यायाधिकरण के समक्ष प्रस्तुत होना अनिवार्य किया गया है।