अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालत जम्मू ने नायब तहसीलदार शेर सिंह और उनके परिजन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने माना कि आरोपियों ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा की है जो भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अपराध है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 2014 में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच की थी। जांच में सामने आया कि शेर सिंह ने पटवारी के पद से नौकरी शुरू की और समय के साथ अपने नाम तथा परिजनों के नाम पर लगभग 1.87 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्ति बनाई। यह राशि वैध आय से 356 प्रतिशत अधिक पाई गई।
जांच के अनुसार शेर सिंह और उनके परिवार के नाम रियासी, कटड़ा और जम्मू में आलीशान मकान, रिहाड़ी में व्यावसायिक भवन तथा कई बीघा जमीन मिली है। इनमें से कई संपत्तियां बेनामी तरीके से उनकी पत्नी, साले और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के नाम पर खरीदी गई थीं।
विशेष न्यायाधीश हक नवाज जरगर ने बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर गंभीर संदेह ही आरोप तय करने के लिए पर्याप्त है।
अदालत ने मृत आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी लेकिन शेर सिंह, उनकी पत्नी कांता कुमारी और साले अमर चंद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा साजिश रचने की धाराओं में आरोप तय कर दिए।