अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। फर्जी नियुक्ति मामले में क्राइम ब्रांच जम्मू की स्पेशल विंग ने दो आरोपियों के खिलाफ शनिवार को अदालत में चालान पेश किया। यह मामला 2022 में दर्ज किया गया था। आरोप लगाया गया था कि विजय कुमारी निवासी भगवती नगर जम्मू ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किए गए फर्जी डिप्लोमा के आधार पर 2002 में लैब बियरर के रूप में नियुक्ति हासिल की थी।
बाद में संबंधित बोर्ड द्वारा सत्यापन में पुष्टि हुई कि ऐसा कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। इससे यह साबित हुआ कि प्रमाणपत्र जाली था। जांच से पता चला कि आरोपी की वास्तविक जन्मतिथि, उसकी आठवीं कक्षा के रिकॉर्ड के अनुसार 1959 है। दिसंबर 2002 में नियुक्ति के समय वह लगभग 43 वर्ष की थी। इसलिए वह चतुर्थ श्रेणी के सरकारी पद के लिए अयोग्य थी। कम उम्र दर्शाने वाले जाली डिप्लोमा का इस्तेमाल करके उसने धोखे से नौकरी ली। बाद में नियमितीकरण और फिर पदोन्नति हासिल की।
विभिन्न स्कूलों और मुख्य शिक्षा अधिकारी के रिकॉर्ड से पुष्टि हुई कि आरोपी ने 2002 से 2019 तक कुल 29 लाख से अधिक का वेतन प्राप्त किया जिससे सरकारी खजाने को गलत नुकसान हुआ। बार-बार तलब किए जाने के बावजूद आरोपी ने जाली डिप्लोमा तैयार करने से संबंधित तथ्य छिपाए।
जांच में कन्या मिडिल स्कूल कैनाल रोड जम्मू की तत्कालीन प्रधानाचार्या सकीना बानो की ओर से कर्तव्य में लापरवाही भी स्थापित हुई जिन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आरोपी के कार्यभार ग्रहण करते समय दस्तावेजों की प्रामाणिकता सत्यापित नहीं की। इस जान-बूझकर की गई चूक के लिए उन्हें भी दोषी बनाया गया।