- कैट का फैसला, केवल सुविधा या पसंद के आधार पर नहीं होगा तबादला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू तबादले की मांग कर रहे लद्दाख में तैनात 44 कर्मचारियों की दो याचिकाओं को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की लेह खंडपीठ ने खारिज कर दिया है। पीठ ने स्पष्ट किया कि लद्दाख कैडर में नियुक्त कर्मचारियों को केवल अपनी सुविधा या पसंद के आधार पर जम्मू कश्मीर तबादले का अधिकार नहीं है। दोनों याचिकाएं कैट के न्यायिक सदस्य राजेन्द्र डोगरा और प्रशासनिक सदस्य राम मोहन जौहरी की खंडपीठ ने खारिज कीं।
जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के लागू होने के बाद, राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटा गया था। इसके बाद लद्दाख प्रशासन ने वर्ष 2023 में कर्मचारियों से पूछा था कि वे जम्मू-कश्मीर में तबादला चाहते हैं या नहीं। इसपर करीब 145 कर्मचारियों ने तबादले की इच्छा जताई थी, जिनमें से 93 का तबादला हो गया, जबकि 55 को यह अवसर नहीं मिला। इन्हीं में से 44 कर्मचारियों ने तबादले की मांग को लेकर दो याचिकाएं दायर की थीं।
न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम की धारा 89 का हवाला देते हुए कहा कि केवल वे कर्मचारी जम्मू कश्मीर जाने के योग्य हैं जो पहले से जम्मू कश्मीर राज्य के कैडर में थे और विभाजन से पहले लद्दाख में तैनात थे। जो कर्मचारी 2019 के बाद लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद नियुक्त हुए हैं, वे लद्दाख कैडर का हिस्सा हैं और उन्हें तबादले का विकल्प नहीं मिल सकता। इसी के साथ पीठ ने कहा कि सभी कर्मचारियों को जम्मू भेज दिया जाए तो लद्दाख प्रशासन का कामकाज कैसे चलेगा। प्रशासन की सुचारु कार्यप्रणाली के लिए हर क्षेत्र में पर्याप्त कर्मचारियों की आवश्यकता है।