- प्रशासन, भवन, वित्त, आईटी, अनुवाद और सतर्कता जैसे कामों के लिए नई समितियां गठित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। कोर्ट ने जजों की सभी पुरानी समितियां खत्म कर नई समितियां गठित कर दी हैं। मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी से जारी आदेश में अदालत से जुड़े लगभग हर काम के लिए जजों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश सोमवार से लागू होगा।
सबसे बड़ा बदलाव प्रशासनिक समिति में किया गया है। यह समिति भर्ती, सेवा से जुड़े मामले, अनुशासन, पदोन्नति, वरिष्ठता और 50, 55 और 58 वर्ष की सेवा समीक्षा जैसे मामलों को देखती है। नई समिति में मुख्य न्यायाधीश के साथ न्यायमूर्ति संजीव कुमार, न्यायमूर्ति सिंधु शर्मा और न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल शामिल हैं। भवन और ढांचा समिति को भी नए रूप में गठित किया गया है। यह समिति अदालत की इमारतों, नए भवन निर्माण, अदालत परिसर, जजों और कर्मचारियों के आवास तथा भवन नक्शों की मंजूरी जैसे मामलों को संभालेगी। जम्मू और श्रीनगर खंड के लिए अलग-अलग जजों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला अदालत भवन समिति को भी फिर से बनाया गया है, जो जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में जिला अदालतों के भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी करेगी।
वित्त समिति को दूरभाष, वाहन खरीद और 14वें वित्त आयोग से मिले पैसों के उपयोग की जिम्मेदारी दी गई है। अदालत में तकनीक बढ़ाने के लिए सूचना तकनीक और एआई समिति बनाई गई है, जो अभिलेख स्कैनिंग, कंप्यूटर व्यवस्था, ई-फाइलिंग, वीडियो बैठक, मुकदमों के सीधा प्रसारण और ई-अदालत परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का उर्दू, हिंदी, डोगरी, कश्मीरी और लद्दाखी में अनुवाद कराने के लिए अनुवाद समिति गठित की गई है। अदालत और कर्मचारियों से जुड़ी शिकायतों तथा अनुशासन से संबंधित मामलों के लिए सतर्कता समिति बनाई गई है। अदालत प्रबंधन समिति लंबित मामलों की समीक्षा करेगी, पुराने मामलों की छंटाई करेगी और मुकदमों के जल्द निपटारे के तरीके सुझाएगी।
उच्चतर न्यायिक सेवा परीक्षा समिति जिला जजों की भर्ती और चयन करेगी। परिवार अदालत समिति परिवार अदालतों के भवन, जजों की तैनाती, परामर्शदाताओं के पैनल और उनके प्रशिक्षण से जुड़े मामलों को देखेगी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर किसी भी विषय को किसी अन्य समिति को सौंपा जा सकता है और आवश्यकता होने पर नई समिति भी बनाई जा सकती है। सभी शाखाओं को हफ्ते में एक बार अपनी फाइलों की स्थिति बताने के निर्देश दिए गए हैं। नई समितियां 1 दिसंबर से काम शुरू कर देंगी।