- अदालत ने कहा- पुलिस की रिपोर्ट बेतुकी और गुमराह करने वाली, एसएचओ को किया गया अगली सुनवाई पर तलब
एसएचओ की भ्रामक रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
जेएनएफ
जम्मू। जम्मू की फास्ट ट्रैक अदालत ने 28 साल पुराने झज्जर कोटली गैंगरेप मामले में आरोपी के खिलाफ अपहरण, गैरकानूनी कैद और दुष्कर्म के आरोप तय किए हैं। अदालत ने झज्जर कोटली थाना प्रभारी की रिपोर्ट को भ्रामक और बेतुका बताते हुए उस पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने एसएचओ को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने का आदेश दिया है।
यह मामला वर्ष 1996 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। आरोप है कि दो जून 1996 को शाम करीब पांच बजे अब्दुल हमीद और उसके साथियों ने किशनपुर मनवाल पावर स्टेशन के पास तीन महिलाओं को जबरन एक ट्रक में बिठाया और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाकर रातभर उनके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िताें को दिल्ली ले जाकर एक होटल में फिर दुष्कर्म किया। आठ जून. 1996 को जब आरोपी वाहन लेकर वापस जम्मू लौट रहे थे, तब मनवाल नाके पर पुलिस जांच के दौरान एक पीड़िता ने पूरी घटना बताई, जिसके बाद यह मामला दर्ज हुआ।
इस मामले में सभी आरोपी शुरू में फरार हो गए थे। अदालत ने अगस्त 1997 में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। बाद में तीन आरोपी अब्दुल रहमान लोन, मोहम्मद अमीन शेख और अली मोहम्मद अदालत में पेश हुए और उनके खिलाफ 1998 में आरोप तय किए गए। चौथा आरोपी अब्दुल हमीद लंबे समय तक फरार रहा और हाल ही में गिरफ्तार हुआ है। अदालत ने उसके खिलाफ आरपीसी की धारा 366, 376 और 343 तहत आरोप तय किए। आरोपी ने आरोपों से इंकार करते हुए मुकदमे की मांग की है।
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक ने एसएचओ झज्जर कोटली की रिपोर्ट अदालत के समक्ष रखी, जिसमें एसएचओ ने लिखा था कि उसने गिरफ्तारी वारंट जारी करने वाली अदालत से ही वारंट की स्थिति पूछी है। इस पर न्यायिक अधिकारी अमरजीत सिंह लंगेह ने कहा कि यह रिपोर्ट न केवल बेतुकी है बल्कि गुमराह करने वाली भी है। उन्होंने टिप्पणी की कि एसएचओ का रवैया गंभीर मामले में लापरवाही को दर्शाता है। मामला 17 नवंबर को गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।