जम्मू। जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट ने एक ऐसे अभ्यर्थी की याचिका खारिज कर दी है जिसकी नौकरी रद्द कर दी गई थी क्योंकि उसने आवेदन पत्र पर छोटे अक्षरों के बजाय बड़े अक्षरों (कैपिटल लेटर) में हस्ताक्षर किए थे।
अदालत ने कहा कि यह कदम भर्ती विज्ञापन में दिए गए नियमों के अनुरूप है और इसमें किसी तरह की गलती नहीं की गई। मामला विक्की कुमार नाम के एक कांस्टेबल पद के उम्मीदवार से जुड़ा है जिसने विज्ञापन देखकर आवेदन भरा था। उसने सभी योग्यताएं पूरी कीं और चयन सूची में भी उसका नाम आ गया। चयन प्रक्रिया के बाद जब उसके दस्तावेज जांचे गए तो उसने आवेदन पत्र के हस्ताक्षर वाले कॉलम में अपने हस्ताक्षर बड़े अक्षरों में किए थे। नियमों में स्पष्ट रूप से लिखा था कि हस्ताक्षर चलते हुए हाथ यानी रनिंग हैंड में होने चाहिए। साथ ही यह भी लिखा था कि बड़े अक्षरों में किए गए हस्ताक्षर वाले आवेदन को अस्वीकार कर दिया जाएगा।
सरकार की ओर से पेश उप महाधिवक्ता ने अदालत में कहा कि याचिकाकर्ता ने आवेदन भरते समय इन निर्देशों का पालन नहीं किया इसलिए उसका फार्म नियमों के अनुसार रद्द किया गया। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि यह अन्यायपूर्ण है क्योंकि हस्ताक्षर की शैली नौकरी की योग्यता को प्रभावित नहीं करती।
न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी कौल की एकल पीठ ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि जब आवेदन पत्र में साफ लिखा है कि बड़े अक्षरों में किए गए हस्ताक्षर स्वीकार नहीं होंगे, तो नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। याचिकाकर्ता ने कॉलम निर्देशों का पालन नहीं किया, इसलिए उसका आवेदन नियमानुसार अस्वीकार किया जाना उचित था। इसके साथ ही अदालत ने याचिका खारिज कर दी। ब्यूरो