30 दिसंबर तक रहेगा प्रभावी, डिविजन और सिंगल बेंच को जिम्मेदारी
श्रीनगर विंग 27 अक्तूबर से एक नवंबर तो जम्मू विंग तीन नवंबर से 30 दिसंबर तक करेगा सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय का नया रोस्टर 27 अक्तूबर से 30 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। इसमें हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को अलग-अलग मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें श्रीनगर और जम्मू विंग में जनहित व सेवा संबंधी याचिकाओं, आपराधिक सहित अन्य मामलों की सुनाई होगी।
डिविजन बेंच-1 श्रीनगर में मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल शामिल हैं। 27 अक्तूबर से एक नवंबर तक शुक्रवार को छोड़कर श्रीनगर और जम्मू विंग से संबंधित सभी जनहित याचिकाओं, सभी एनआईए, सीबीआई, एनडीपीएस, यूपीएपी अधिनियमों के तहत मामले, हैबिस कॉपर्स याचिकाओं, उच्च मूल्य वाले वाणिज्यिक मामलों, अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई होगी।
डिविजन बेंच-2 में न्यायमूर्ति संजीव कुमार और न्यायमूर्ति संजय परिहार सभी आपराधिक मामलों, सेवा से संबंधित याचिकाओं, टैक्स, उपभोक्ता, न्यायिक सेवा चयन, मध्यस्थता, सिविल मामले, डिविजन बेच-1 के छोड़े मामलों सहित अन्य पर सुनवाई करेंगे। यह बेंच वीरवार और शुक्रवार को पुराने आपराधिक मामलों की सुनवाई भी करेगी जो नियमित रोस्टर के अतिरिक्त होगी। इसी तरह डिविजन बेंच-1 जम्मू विंग तीन नवंबर से 30 दिसंबर तक इन मामलों की जम्मू और श्रीनगर विंग से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी। श्रीनगर और श्रीनगर की सिंगल बेंच-1 के अंतर्गत मुख्य न्यायाधीश शुक्रवार को जम्मू व श्रीनगर विंग से संबंधित अरबिट्रेशन एक्ट की धारा 11(6) के तहत सभी मामलों की सुनवाई करेंगे। अवमानना याचिकाएं भी सुनी जाएंगी। सिंगल बेंच-2 के अंतर्गत न्यायमूर्ति रजनेश ओसवाल शुक्रवार को श्रम, भूमि अधिग्रहण, परिवहन, रेलवे, खनन, प्रवासी संपत्ति संरक्षण, टैक्स सहित अन्य मामलों पर सुनवाई करेंगे। इसके साथ अन्य बेंच में न्यायाधीशों को अलग-अलग मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर रोस्टर देखा जा सकता है।