- धोखाधड़ी से भवन निर्माण की अनुमति से तैयार होटल से एक दशक तक लाभ कमाया
जम्मू। पटनीटॉप में धोखाधड़ी से भवन निर्माण की अनुमति लेकर होटल बनाने और उससे एक दशक से अधिक समय तक मुनाफा कमाने वाले को कोर्ट ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने को एक माह के भीतर अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा करवाना होगा। विशेष न्यायाधिकरण जम्मू के सदस्य आसिफ हामिद खान ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। उन्होंने कहा कि अपीलकर्ता ने इस मामले में तीन साल तक अदालत का भी समय बर्बाद किया गया।
पटनीटॉप में होटल त्रिनेत्र दो कनाल भूमि पर बनाया गया है। अपीलकर्ता ने छह जून, 2005 को निष्पादित पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर उक्त भूमि के भूखंड और होटल का मालिक होने का दावा किया था। होटल की मालिक शकुंतला कोतवाल पत्नी स्वर्गीय ओंकार कोतवाल शास्त्री नगर (जम्मू) की है। विशेष न्यायाधिकरण ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की कि यह मामला इसलिए अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि अपीलकर्ता और पटनीटॉप में उसके निकटतम पड़ोसियों के बीच विवाद के परिणामस्वरूप उच्च न्यायालय में कई मुकदमे दायर हुए। इसलिए प्रतिवादी प्राधिकारी को इस आदेश में की गई टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना मामले में गहन जांच करने का निर्देश दिया गया। जांच एक महीने के भीतर पूरी हो जाए, ताकि प्रतिवादी प्राधिकारी नए सिरे से वैधानिक कार्यवाही शुरू करे। उपरोक्त आधारों पर दोषपूर्ण होने के कारण विवादित ध्वस्तीकरण आदेश को रद्द किया जाता है। न्यायाधिकरण ने रजिस्ट्री को यह भी निर्देश दिया कि वह इस आदेश की प्रति के साथ प्रतिवादी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पटनीटॉप विकास प्राधिकरण को रिकॉर्ड लौटा दे, जिसे समयबद्ध तरीके से कानून के अनुसार सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए अध्यक्ष, बीओसीए, पटनीटॉप, उपायुक्त, उधमपुर को भी अवगत कराया जाए।जेएनएफ