श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर संभाग में आम लोगों के लिए बनाए गए पार्कों की स्थिति पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने दो माह की मोहलत देकर पूछा है कि पार्कों के रखरखाव के लिए बीते वर्ष अदालत की ओर से दिए गए आदेश पर कितना अमल हुआ। इस पर दोनों संभागों के मंडलायुक्त अलग-अलग रिपोर्ट सौंपें।
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश सिंधु शर्मा ने कहा कि बीते वर्ष 15 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था। इसमें हर तीन माह में समीक्षा करने के निर्देश दिए गए थे। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि पार्क में प्लास्टिक कचरे पर सख्ती से प्रतिबंध लागू करें और निर्माण पर भी रोक लगाएं। कश्मीर मंडलायुक्त ने श्रीनगर में पार्कों की स्थिति रिपोर्ट अदालत को रिपोर्ट नहीं दी है, जबकि जम्मू मंडलायुक्त की ओर से दी गई रिपोर्ट भी दर्शाती है कि पार्कों के लिए समन्वय के साथ काम नहीं किया जा रहा। पार्कों का रखरखाव सिर्फ जम्मू नगर निगम की जिम्मेदारी बना दिया गया है। दोनों मंडलायुक्त दो माह में दोबारा से समीक्षा कर पार्कों की स्थिति रिपोर्ट सौंपें।