फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट और वकील में तीखी बहस केस स्थानांतरण का आधारनहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत और वकील में यदि तीखी बहस हो जाए, तो इसे केस को किसी दूसरी कोर्ट को स्थानांतरित करने का आधार नहीं माना जा सकता। वकीलों पर अदालत की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट की बेंच और बार दोनों का सम्मान बराबर है। दोनों न्याय रथ के पहिये हैं। इसमें कोई बड़ा या छोटा नहीं है।
विज्ञापन

हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने श्रीनगर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि घरेलू हिंसा मामले को सिर्फ इसलिए दूसरी अदालत में नहीं भेजा जा सकता, क्याेंकि वकील और अदालत में तीखी बहस हुई है। सीजेएम ने कहा था कि वकील अपनी सुविधा के लिए अनावश्यक न्यायिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह टिप्पणी इक्का-दुक्का के लिए सही हो सकती है, लेकिन सभी वकीलों के लिए यह कहना पूरी तरह से गलत है। लिहाजा इस टिप्पणी को कार्यवाही से हटाया जाता है। हाईकोर्ट ने साथ ही कहा कि न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता पद की गरिमा और सम्मान बराबर हैं। इसमें कोई भी एक दूसरे से श्रेष्ठ नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें