पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह के नगरोटा में बनाए गए बंगले के मामले में केंद्रीय सूचना आयोग ने सीबीआई और एंटी करप्शन ब्रांच जम्मू को जरूरी आदेश दिया है। एडवोकेट शकील अहमद ने सीबीआई के पास निर्मल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। शकील ने आरटीआई के जरिए भी इस मामले की सीबीआई से जानकारी मांगी थी, लेकिन सीबीआई की ओर से इसकी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद शकील ने यह मामला केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष उठाया।
मंगलवार को आयोग की आयुक्त सरोज पुनहानी ने इस मामले को लेकर दायर याचिका का निपटारा किया। आदेश दिया कि सीबीआई अगले 15 दिन में शकील को आरटीआई की जानकारी दें और इस मामले की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएं। इसके लिए शकील से कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। बता दें कि शकील ने इस मामले को लेकर पहले भी आयोग के पास याचिका दायर की थी। इसमें बताया कि निर्मल सिंह और उनकी पत्नी ने जेडीए की जमीन पर अतिक्रमण करके बंगला बनाया है। अधिकारियों से मिलीभगत कर और भ्रष्टाचार के जरिए ऐसा किया गया। लिहाजा सीबीआई इस मामले की जांच करे और इसको लेकर एफआईआर दर्ज करे। मंगलवार को ओडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शकील और सीबीआई की ओर से एसपी स्तर का अधिकारी आयोग के समक्ष पेश हुए। दोनों ओर से दलीलें पेश की गईं। आयोग की आयुक्त सरोज पुनहानी ने कहा कि 15 दिन के भीतर शकील को इसकी जानकारी दी जाए कि सीबीआई को ओर से इस मामले में क्या किया गया है। एफआईआर दर्ज करने की मांग पर मौजूदा स्थिति से शकील को अवगत कराएं।