जम्मू। कश्मीर की वुल्लर झील के आसपास 200 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण नहीं होगा। झील के आसपास निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। झील के संरक्षण और अतिक्रमण को रोकने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस संजय डार ने यह आदेश दिया। साथ ही संबंधित विभाग को झील के आसपास हुए अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से हटाने को भी कहा।
याचिका दायर होने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने झील का दौरा किया था। तब यह महसूस किया गया कि झील की बाउंडरी के भीतर कूड़ा फेंका हुआ है। इस पर सरकारी पक्ष ने कहा कि हमने संबंधित जिला उपायुक्त से कूड़ा फेंकने के लिए जगह मांगी है। खंडपीठ ने कहा कि यह कोई बहाना नहीं है। लिहाजा यह सुनिश्चित करें कि कूड़ा न फेंका जाए। झील को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं। ऐसा करना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रोटोकॉल भी है। वहीं बारामुला जिला लीगल सर्विस अथॉरिटी के सचिव फैजल इकबाल ने कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बताया कि सोपोर और बारामुला में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।