जम्मू। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जम्मू पहुंचते ही झंडे वाले बयान पर नाराजगी दूर करने के काम में जुट र्गइं। गेस्ट हाउस में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बैठक में कहा कि उन्होंने तिरंगे झंडे का अपमान नहीं किया। उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। तिरंगे झंडे से प्यार के चलते ही उन्हें कश्मीर में गालियां पड़ीं, यहां तक कि भारत का एजेंट भी कहा जाता रहा, लेकिन वह अपने एजेंडे पर चलते रहे।
दो घंटे चली बैठक में महबूबा ने कहा, नए सिरे से जम्मू और कश्मीर में पीडीपी को मजबूत किया जाएगा और पार्टी का पुनर्गठन भी जल्द होगा। बैठक में मौजूद पीडीपी के नेताओं ने बताया कि महबूबा ने कहा, नए भूमि अधिनियम हो या रोशनी एक्ट, केंद्र व प्रदेश प्रशासन लोगों को गुमराह कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों से खिलवाड़ किया जा रहा है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जम्मू के पार्टी नेताओं को एकजुट होकर जन विरोधी और जम्मू कश्मीर विरोधी नीतियों का मुकाबला करने की अपील भी की। बैठक में महासचिव सुरेंद्र चौधरी, पूर्व एमएलसी फिरदौस टाक, सुखविंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह सोनू, राजिंद्र मन्हास, रशीद मलिक, अमरीक सिंह रीन आदि मौजूद रहे।
कई वरिष्ठ नेता बुलाने पर भी नहीं पहुंचे
पीडीपी की जम्मू इकाई के कई वरिष्ठ नेता बैठक में बुलाए जाने पर भी नहीं पहुंचे। इनमें पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे दमन भसीन, फलैल सिंह, हमीद चौधरी आदि शामिल हैं।
आज जिला व तहसील अध्यक्षों से मिलेंगी
महबूबा मुफ्ती छह नवंबर को जम्मू के गांधीनगर स्थित पीडीपी कार्यालय में जिला व तहसील अध्यक्षों से मुलाकात करेंगी और उनके समक्ष अपनी बात रखेगी।